गोवा में कांग्रेस की सरकार बनाने का सपना चूर

गोवा में कांग्रेस की सरकार बनाने का सपना चूर

कांग्रेस की गोवा में सरकार बनाने की योजनाओं को जबरदस्त झटका लगा है। गोवा के मुख्यमंत्री के बीमार होने और लगभग एक साल तक हॉस्पिटल में आने-जाने को कांग्रेस पार्टी अपने लिए एक मौके के तौर पर देख रही थी। कांग्रेस की तैयारी थी कि बीजेपी और सरकार में नेतृत्वहीनता को मुद्दा बनाकर वह कुछ विधायकों को तोड़कर कांग्रेस में शामिल करा लेगी, जिससे राज्य सरकार अल्पमत में आ जाएगी और कांग्रेस के सरकार बनाने का मौका मिलेगा। 16 विधायकों के साथ गोवा सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर कांग्रेस ने राज्य में सरकार बनाने का शिगूफा भी छोड़ा, लेकिन इसके दो विधायकों के बीजेपी जॉइन करने की खबर ने कांग्रेस की उन उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।

अब बीजेपी और कांग्रेस के पास 14-14 विधायक हैं। इसके अलावा 3-3 सीटों वाली महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी और गोवा फॉरवर्ड पार्टी और तीन निर्दलीय पर्रिक्कर सरकार का समर्थन कर रहे हैं। विधानसभा में एनसीपी का भी एक सदस्य है। खबर हैं कि तीन कांग्रेस विधायक अभी बीजेपी के सम्पर्क में हैं, जो कभी भी अपनी पार्टी का दामन छोड़ सकते हैं।

खबरें हैं कि पर्रिक्कर की बीमारी को देखते हुए पार्टी नेतृत्व अब दूसरे विकल्पों पर भी गौर कर रहा है। राज्य में बीजेपी का बहुमत संकट खत्म हो गया है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पार्टी अब मंत्री विश्वजीत प्रताप सिंह राणे को सरकार की कमान सौंपने के बारे में विचार कर रही है। राणे 2010 से विधायक हैं। वह इस सरकार में स्वास्थ्य के साथ महिला और बाल विकास मंत्रालय का काम देख रहे थे। राणे के पिता प्रताप सिंह राणे कांग्रेस नेता और चार बार मुख्यमंत्री रहे हैं।

राज्य का सियासी माहौल गर्मा गया है. मनोहर पर्रिकर की जगह विश्वजीत प्रताप सिंह राणे की CM पद पर ताजपोशी की चर्चाएं तेज हो गई हैं. हालांकि अभी बीजेपी का इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. खबर हैं कि बीजेपी नेतृत्व ने सोमवार को राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा करने के लिए राणे को दिल्ली बुलाया था।

कभी कांग्रेस के वफादार रहे विश्वजीत राणे अब भाजपा में हैं राणे ने अपनी पूर्व पार्टी कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी को बड़ी चुनौती दी है। विश्वजीत राणे ने ये चुनौती मंगलवार (16 अक्टूबर) को गोवा में कांग्रेस के दो विधायकों के द्वारा पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद दी गई है।

राणे ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा, ” मैं कांग्रेस पार्टी को तबाह कर दूंगा। वे इस साल क्रिसमस और नए साल में घटकर सिर्फ 10 रह जाएंगे। अपने दल को बचाइए। मेरा ये संदेश कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के लिए है। कांग्रेस के नेता अब राहुल गांधी से तंग आ चुके हैं।” मंगलवार (16 अक्टूबर) को, कांग्रेस के विधायक सुभाष शिरोडकर और दयानंद सोपते ने गर्वनर को अपने इस्तीफे सौंप दिए थे। ये दोनों ही विधायक उत्तर गोवा का प्रतिनिधित्व करते थे और बाद में ये भाजपा में शामिल हो गए थे। उनके इस्तीफे का मतलब साफ है कि वे अब बाद में उपचुनाव में लड़ेंगे।

Share on Google Plus

About Team CR

Dainik Chamakta Rajasthan to provide lightning fast, reliable and comprehensive informative information to our visitors in the form of news and articles.

0 comments:

Post a Comment