अब जल्द ही ई-वॉलिट्स के बीच हो सकेगा मनी ट्रांसफर

अब जल्द ही ई-वॉलिट्स के बीच हो सकेगा मनी ट्रांसफर

अगर आप ऑनलाइन पेमेंट करने के लिए मोबाइल वॉलेट का यूज करते हैं तो अब आपके लिए ये बड़ी खबर है. अब जल्द ही मोबाइल वॉलिट्स जैसे प्री-पेड इंस्ट्रूमेंट्स के बीच आपस में मनी ट्रांसफर हो सकेगा. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को इसके लिए अंतिम गाइडलाइन्स जारी की हैं. आरबीआई ने कहा है कि डिजिटल वॉलिट कंपनियां चाहें तो अब सरकार समर्थित पेमेंट नेटवर्क का प्रयोग कर सकती हैं, जिससे इन कंपनियों के बीच आपस में तुरंत भुगतान हो सकेगा. इसका मतलब है कि अगर आप पेटीएम से फोन पे वॉलेट में पैसा ट्रांसफर करना चाहते हैं तो ये आप कर सकेंगे.

आरबीआई के एक नोटिफिकेशन के मुताबिक, केवाईसी का पालन करने वाले सभी PPIs के बीच पारस्परिकता को इन तीन चरणों में लागू किया जाना था-
1. यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस ( UPI) वाले वॉलिट्स के तौर पर जारी PPIs के बीच आपस में मनी ट्रांसफर
2. UPI के जरिए बैंक अकाउंट और वॉलिट के बीच आपस में मनी ट्रांसफर
3. कार्ड नेटवर्क के जरिए कार्ड्स के तौर पर जारी PPIs के बीच आपस में मनी ट्रांसफर

अपने दिशा-निर्देशों में आरबीआई ने कहा कि PPIs के बीच पारस्परिकता UPI के जरिए लागू होगी। इसके अलावा प्री-पेड कार्ड्स को ऑथराइज्ड कार्ड नेटवर्कों से जोड़ना होगा। देश में करीब 50 कंपनियों के पास प्री-पेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट (PPI, डिजिटल वॉलिट) के लाइसेंस हैं।

मोबाइल वॉलिट्स के बीच भुगतान के लिए आरबीआई ने अब तक कोई न्यूनतम चार्ज लागू नहीं किया है। ऐसे में माना जा रहा है कि आरबीआई के इस कदम से देश में डिजिटल पेमेंट्स को बढ़ावा मिलेगा।

फिनटेक फर्म मोबीक्विक की को-फाउंडर उपासना टकू ने कहा,  इससे भारत में डिजिटल पेमेंट्स का ग्रोथ रेट तेजी से बढ़ेगा, ऐसे में जाहिर तौर पर बिजनस के ज्यादा मौके पैदा होंगे।  क्रेडिट सुइस द्वारा लगाए गए एक अनुमान के मुताबिक 2023 तक भारत में डिजिटल पेमेंट्स का आंकड़ा 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा।

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