केरल के सबरीमाला मंदिर के कपाट बंद

केरल के सबरीमाला मंदिर के कपाट बंद

सबरीमाला मंदिर में भगवान अयप्पा की मूर्ति स्थापित है। माना जाता है कि वे ब्रह्मचारी हैं। ऐसे में यहां पीरियड की उम्र (10 से 50 साल) वाली महिलाओं का प्रवेश प्रतिबंधित था। यह प्रथा 800 साल से चली आ रही थी।

12वीं सदी के इस मंदिर में भगवान अय्यप्पा की पूजा होती है। मान्यता है कि अय्यपा, भगवान शिव और विष्णु के स्त्री रूप अवतार मोहिनी के पुत्र हैं। दर्शन के लिए हर साल यहां करीब पांच करोड़ लोग आते हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद सबरीमाला मंदिर में 10 साल की बच्ची से लेकर 50 साल तक की कोई महिला प्रवेश नहीं कर सकी। मंदिर के पट छह दिन खुले रहने के बाद सोमवार रात 11 बजे एक महीने के लिए बंद कर दिए जाएंगे। यहां कई महिलाओं ने प्रवेश की कोशिश की, लेकिन भारी विरोध की वजह से उन्हें कामयाबी नहीं मिली।

मंदिर के कपाट 18 अक्टूबर को खोले गए थे, और सुप्रीम कोर्ट द्वारा सभी आयु की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति दिए जाने के बाद मंदिर के कपाट खोले जाने का यह पहला अवसर था. पिछले चार दिन के दौरान सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों ने 10-50 वर्ष आयुवर्ग की नौ महिलाओं को मंदिर में प्रवेश करने से रोका. रविवार को 47-वर्षीय एक महिला घबराहट का शिकार हो गई थी, जब प्रदर्शनकारियों ने मंदिर के प्रवेश द्वार पर उन्हें घेर लिया.

सुप्रीम कोर्ट इस मामले में दायर की गईं नई रिव्यू पिटीशंस पर मंगलवार को सुनवाई करेगा। शीर्ष अदालत ने 28 सितंबर को सबरीमाला मंदिर में हर उम्र की महिलाओं को प्रवेश करने की इजाजत दी थी।

मंदिर प्रशासन ने सरकार को लिखा है कि यदि कोई परम्परा तोड़ी गई, तो वे मंदिर में ताला लगा देंगे, और सभी रस्मों को रोक देंगे. मंदिर प्रशासन के अनुसार, अब चिंताजनक बात यह है कि मंदिर के भीतर 1,000 से भी ज़्यादा पुरुष कैम्प किए बैठे हैं, जो 50 वर्ष से कम आयु की महिलाओं को प्रवेश से रोकने के लिए कानून को अपने हाथ में ले सकते हैं. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इन आरोपों का खंडन किया है कि विरोध प्रदर्शनों को तेज़ करने के लिए उसने अपने कार्यकर्ताओं को मंदिर में तैनात किया है.

पूरे केरल में पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है. पुलिस को कुछ खुफिया जानकारी मिली है कि प्रदर्शनकारी पंबा में सोमवार शाम विजय जुलूस निकाल सकते हैं. जुलूस की तैयारी इसलिए है कि बीते पांच दिनों में पूजा के दौरान किसी महिला को सबरीमाला मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश नहीं मिल पाई है.

पांचवें दिन एक महिला ने इरुमेली पुलिस से संपर्क कर सुरक्षा की मांग की है ताकि वह मंदिर में प्रवेश कर सके. उसकी उम्र के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिल पाई है. फिलहाल वह इरुमेली थाने में है.

पुलिस सतर्क है क्योंकि उसे हिंसक प्रदर्शन की भी खुफिया जानकारी मिली है. मीडिया पर भी हमले की आशंका है. सुरक्षा के लिहाज से पंबा और निलक्कल में मीडियाकर्मियों को सावधानी बरतने और समूचे इलाके से हट जाने की सलाह दी गई है.

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