एच-1बी वीजा में बदलाव का प्रस्ताव

एच-1बी वीजा में बदलाव का प्रस्ताव

डॉनल्ड ट्रंप की सरकार अमेरिका में एच-4 वीजाधारकों को वर्क परमिट्स देने के ओबामा प्रशासन के नियम को खत्म करने की तैयारी में है। अमेरिका में एच-1बी वीजा धारकों के जीवनसाथी को एच-4 वीजा दिया जाता है। अमेरिका का होमलैंड सिक्यॉरिटी डिपार्टमेंट का मानना है कि एच-4 वीजा खत्म करने से अमेरिकी वर्करों को फायदा होगा। इसके तहत अमेरिकी कंपनियों में वही विदेशी कर्मचारी काम कर पाएंगे जो सर्वश्रेष्ठ होंगे। हाल ही में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि अमेरिका में नौकरी करने सिर्फ वे ही आ सकते हैं, जो योग्य हों और देश की मदद कर सकते हों। अमेरिका के 50 राज्यों में 100 भारतीय कंपनियां हैं। इनमें 1 लाख 13 हजार लोग काम कर रहे हैं।

अमेरिकी सरकार एच-1बी वीजा नीति में बदलाव के लिए नया प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रही है। इसके जरिए H-1B वीजा के तहत आने वाले रोजगार और विशेष व्यवसायों या पेशों की परिभाषा को 'संशोधित' करने की योजना है। अमेरिका के गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) ने बुधवार को कहा कि अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) इस संबंध में जनवरी 2019 तक नया प्रस्ताव लाने की योजना बना रही है। इसका उद्देश्य 'विशेष व्यवसाय की परिभाषा को संशोधित करना है' ताकि एच-1बी वीजा कार्यक्रम के माध्यम से बेहतर और प्रतिभाशाली विदेशी नागरिकों पर ध्यान केंद्रित किया जा सके।

अमेरिकी गृह मंत्रालय के मुताबिक- सामान्य रूप से एच-1बी वीजा की मांग काफी ज्यादा रहती है। हम आवेदनों के लिए इलेक्ट्रॉनिक रजिस्ट्रेशन प्रोग्राम लाने पर विचार कर रहे हैं। इसके तहत इमिग्रेशन सर्विस एच-1बी आवेदनों को बेहतर तरीके से व्यवस्थित कर सकेंगी।

ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन के प्रस्ताव का सबसे ज्यादा असर अमेरिका में भारतीय आईटी कंपनियों पर पड़ेगा। यही कंपनियां एच-1बी वीजा के तहत कर्मचारियों को अमेरिका बुलाती हैं। सामान्य रूप से विदेशी कर्मचारियों के लिए इस वीजा की अवधि तीन से छह साल होती है।

एच-4 वीजाधारकों को ओबामा प्रशासन ने 2015 में वर्क परमिट जारी करने का विशेष आदेश पारित किया था। अब ट्रंप प्रशासन ने इसे खत्म करने का कदम बढ़ाया तो वर्क परमिट वाले 70 हजार से ज्यादा एच-4 वीजाधारकों को नुकसान होगा।

डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्यॉरिटी (डीएचएस) ने बुधवार को जारी अपने यूनिफाइड फॉल अजेंडा में कहा कि उसे विश्वास है कि एच-4 वीजाधारकों को रोजगार का अवसर देने की मौजूदा नीति का त्याग करने से कुछ अमेरिकी वर्कर लाभान्वित होंगे। डिपार्टमेंट ने कहा कि प्रस्तावित कानून के तहत एच-4 वर्करों को लेबर मार्केट में तुरंत उतरने की अनुमति नहीं मिलेगी। डीएचएस इस वर्ष जरूरी नोटिफिकेशन जारी करने की मियाद तीन बार टाल चुका है। इसने अपने अजेंडा में कहा कि यह एच-4 वीजाधारकों को काम करने के अधिकार से वंचित करने का उसका अपना तरीका है।

अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा विभाग ने 25 दिसंबर 2017 तक एच-4 वीजाधारकों की ओर से रोजगार के अवसर प्रदान करने की मांग वाले 1 लाख 26 हजार 853 आवेदनों को स्वीकृति दी थी। इसमें मई 2015 के बाद से दी गईं सारी स्वीकृतियां शामिल हैं। इसमें 90 हजार 946 अप्रूवल्स, 35 हजार 219 रेनुअल्स, और खोए हुए कार्ड्स के 688 रीप्लेसमेंट के आवेदन शामिल हैं। पिछले महीने, डेमोक्रैटिक पार्टी की दो शक्तिशाली महिला सिनेटरों कमला हैरिस और क्रिस्टीन गिलब्रैंड ने ट्रंप प्रशासन से एच-4 वीजाधारकों से वर्क परमिट छीनने की ओर कदम नहीं बढ़ाने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि ऐसा फैसला लिया गया तो करीब 10 हजार महिलाएं प्रभावित होंगी।

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