डोनाल्ड ट्रंप गणतंत्र दिवस समारोह में भारत नहीं आएंगे

डोनाल्ड ट्रंप गणतंत्र दिवस समारोह में भारत नहीं आएंगे

अमेरिका के राष्‍ट्रपति डॉनल्‍ड ट्रंप ने गणतंत्र दिवस के मौके पर चीफ गेस्‍ट के रूप में भारत आने के मोदी सरकार के न्‍योते को ठुकरा दिया है। ट्रंप ने भारत न आने की वजह अपनी व्यस्तता को बताया है. अमेरिकी अधिकारियों ने इस संबंध में हाल ही में भारत के राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को एक पत्र सौंपा है।

माना जा रहा है कि इस पत्र में ट्रंप ने न आ सकने पर खेद जताया है। माना जा रहा है कि इसका कारण अमेरिका में कुछ राजनीतिक कार्यक्रम और ट्रंप का स्टेट ऑफ यूनियन संबोधन है, जो 26 जनवरी से कुछ दिन पहले या ठीक उसके बाद निर्धारित हो सकता है।

अमेरिकी राष्‍ट्रपति के इस पत्र के साथ ही लंबे समय से चली आ रही यह अटकल भी समाप्‍त हो गई है कि ट्रंप भारत आएंगे या नहीं। भारत में हर साल गणतंत्र दिवस के मौके पर खास मेहमानों को बुलाने की परंपरा रही है. साल 2015 में बराक ओबामा, 2016 में फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रैंकोईस होलैंड, 2017 में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और 2018 में आसियान के सभी 10 नेता भारतीय गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि थे.

भारत ने उन्‍हें फरवरी में आने का न्‍योता दिया था लेकिन अमेरिका ने उसे स्‍वीकार नहीं किया था। दरअसल, एनडीए सरकार अपने अंतिम साल में है और भारत में मई तक चुनाव हो सकते हैं। माना जा रहा है कि ट्रंप ने इसी को देखते हुए भारत का न्‍योता ठुकराया है।

ट्रंप की प्रतिक्रिया उनके पूर्ववर्ती राष्‍ट्रपति बराक ओबामा के विपरीत है जो वर्ष 2015 में तमाम घरेलू जिम्‍मेदारियों के बावजूद गणतंत्र दिवस पर भारत आए थे।

ट्रंप ने यह न्‍योता ऐसे समय पर ठुकराया है जब अमेरिका और भारत के रिश्तों में रूस से हथियारों की खरीद के चलते कुछ तनाव चल रहा है. रूस से डील के पहले तक कयास लगाए जा रहे थे कि ट्रंप 26 जनवरी को भारत आ सकते हैं, लेकिन बाद में अमेरिका का जैसा रुख रहा, उससे आशंका जताई जा रही थी कि ये दौरा रद्द हो सकता है.

कुछ समय पहले ही व्हाइट हाउस की तरफ से बयान आया था कि ट्रंप गणतंत्र दिवस के मौके पर भारत जाएंगे या नहीं, इस पर अभी तक फैसला नहीं लिया गया है.

पिछले दिनों अमेरिका ने कहा था कि वह भारत के ईरान से 4 नवंबर के बाद तेल आयात जारी रखने और रूस से हवाई रक्षा प्रणाली एस-400 खरीदना के फैसले का "बहुत ही सावधानीपूर्वक" समीक्षा कर रहा है. विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हीथर नोर्ट ने कहा था कि यह भारत के लिए फायदमेंद नहीं होगा.  उन्होंने बृहस्पतिवार को कहा, "ईरान से तेल आयात करना जारी रखने वालों पर चार नंवबर से प्रतिबंध प्रभावी होंगे. हम प्रतिबंधों को लेकर दुनिया भर के ईरान के कई भागीदारों और सहयोगियों के साथ बातचीत कर रहे हैं.

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