डिमेंशिया से बचाव के लिये मशरुम खायें

डिमेंशिया से बचाव के लिये मशरुम खायें

मशरूम में ऐसे बायोएक्टिव तत्‍व पाये होते हैं, जो मस्तिष्क में तंत्रिका कोशिकाओं की वृद्धि बढ़ा सकते हैं


डिमेंशिया की बीमारी एक लक्षण है, जिसमें व्यक्ति चीजें भूलने लगता है, छोटे-मोटे काम उसे याद नहीं रहते, बोलने में दिक्कत, चलने में परेशानी और आक्रामक होना जैसे लक्षण होने लगते हैं, शुरू में इसका पता नहीं चलता, लेकिन बाद में मरीज के साथ रहने वाले इस पर गौर करते हैं, डिमेंशिया के लक्षण कई रोगों के कारण पैदा हो सकते है, ये सभी रोग मस्तिष्क को नुकसान पहुंचाते हैं।

डिमेंशिया से ग्रस्त व्यक्ति अपने दैनिक कार्य ठीक से नहीं कर पाते, इन व्यक्तियों की याददाश्त कमजोर हो सकती है, नाम, जगह, तुरंत की गई बातचीत को याद रखने में परेशानी होना, अवसाद से पीड़ित होना, संवाद स्थापित करने/बात करने में दिक्कत होना, व्यवहार में बदलाव आना, कुछ निगलने में दिक्कत होना, चलने-फिरने में परेशानी होना, निर्णय लेने की क्षमता का प्रभावित होना, चीजों को रखकर भूल जाना आदि डिमेंशिया के लक्षण हैं।

पहले यह रोग 60 साल की उम्र के बाद देखने में आता था, लेकिन अब 40 वर्ष के बाद, कई ऐसे लोग हैं जो इस बीमारी को गंभीरता से लेने की बजाय उम्र के साथ बढ़ते लक्षणों में शामिल कर लेते हैं।

                           डिमेंशिया से बचाव के लिये मशरुम खायें

आजकल एक कारण ये भी देखने में आया है कि गलत खानपान और प्रदूषण के कारण भी यह रोग बढ़ रहा है, बदलती जीवनशैली में हम न तो ठीक से खाते है न तो ठीक से सोते हैं, लेकिन अगर आप पर्याप्त नींद ले रहें तो इसे डिमेंशिया खतरा कम हो सकता है, यह बात एक शोध में सामने आई है, शोध के मुताबिक कम सोने से डिमेंशिया और अकाल मृत्यु होने की संभावना बढ़ जाती है।

पोषक तत्वों की प्रचुरता के कारण मशरूम में अन्‍य सब्जियों की तुलना में अधिक पोषक तत्व पाये जाते है, विटामिन डी से भरपूर मशरूम आपकी सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है।

शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि मशरूम में ऐसे बायोएक्टिव तत्‍व पाये होते हैं, जो मस्तिष्क में तंत्रिका कोशिकाओं की वृद्धि बढ़ा सकते हैं और सूजन जैसी न्यूरोटोक्सिस उत्तेजनाओं से रक्षा करते हैं जो न्यूरोडिजिनेरेटिव बीमारियों का कारण बनती है।

शोधकर्ताओं ने खाने योग्य मशरूम के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले फायदों का विश्लेषण किया, उन्होंने बताया कि शोध के नतीजों से पता चला कि मशरूम उम्र संबंधी न्यूरोडिजिनेरेटिव बीमारियों से बचने या उन्हें कुछ समय के लिए टालने में अहम भूमिका निभाते हैं, शोधकर्ताओं ने मशरूम के बायोएक्टिव तत्‍व की गतिविधि पर ध्यान केन्द्रित किया जिससे तंत्रिका कोशिकाओं की रक्षा हो सकती है।

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