दिल्ली में प्रदूषण सुरक्षित सीमा से 20 गुना अधिक

दिल्ली में प्रदूषण सुरक्षित सीमा से 20 गुना अधिक
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण की वजह से हेल्थ इमरजेंसी की स्थिति बन चुकी है। सोमवार सुबह स्मॉग ने भी दस्तक दे दी है। दिवाली के दिन से स्मॉग से दिल्ली-एनसीआर के हालात और बदतर होंगे। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर की हवा में प्रदूषण का स्तर इतना बढ़ चुका है कि लोग न तो घर के बाहर और न घर के अंदर ही शुद्ध हवा में सांस ले पा रहे हैं। पूरा दिल्ली-एनसीआर स्मॉग की चपेट में है

दिवाली में अभी दो दिन हैं, मगर दिल्ली अभी से ही गैस चैंबर बन गई है. दिल्ली में सोमवार की सुबह मोटा धुंध छाया रहा और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई. दिवाली से दो दिन पहले राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता में गिरावट को लेकर मौसम अधिकारियों की चेतावनी के बीच आज सुबह धुंध की चादर दिखी.  सुबह आंखें खोलते ही दिल्ली-एनसीआर के लोगों का सामना गहरे स्मॉग से हुआ.

दिल्ली में कई जगहों पर हवा की क्वॉलिटी खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है. रविवार के मुकाबले आज सड़कों पर दृश्यता सुबह कम थी. हालांकि तापमान गिरने के चलते लोगों का हल्की ठंड का अहसास भी होने लगा है. ये हाल सिर्फ़ दिल्ली का ही नहीं बल्कि देश के कई दूसरे हिस्सों का भी है. ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक सभी मैट्रो शहरों में दिल्ली का हाल सबसे ज़्यादा बुरा है. रविवार को हवा चलने की वजह से यहां लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली थी लेकिन आज से एक बार फिर हालात बिगड़ गए हैं| दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदूषक तत्व पीएम 2.5 का स्तर दक्षिण दिल्ली के ओखला निगरानी स्टेशन पर आज सुबह 644 था, जो गंभीर स्थिति की कैटेगरी में आता है. यानी दिल्ली में वायु प्रदूषण, सुरक्षित सीमा से 20 गुना अधिक है.

दिल्ली में कई जगहों पर हवा की क्वॉलिटी खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। दो दिन बाद यानी बुधवार को दिवाली है और उससे महज दो दिन पहले स्मॉग में लिपटी सुबह को लेकर लोग परेशान हैं। पहले ही यह अनुमान जताया जा चुका है कि दिवाली के दिन सबसे खराब हालत होगी, हवा की गुणवत्ता तब तक और खराब हो जाएगी।

स्मॉग के चलते सबसे ज्यादा परेशान बच्चे और बुजुर्ग हैं। स्मॉग उन लोगों को ज्यादा परेशान करता है, जिन्हें सांस की बीमारी यानी अस्थमा आदि होता है। ऐसे लोगों को बाहर निकलते ही दम घुटने जैसा महसूस होने लगता है। विशेषज्ञों के मुुताबिक, अधिक देर तक ऐसी जहरीली हवा में रहने से उनकी हालत और भी खराब हो सकती है।ऐसे में इस जहरीले स्मॉग से बचने के लिए आप मास्क का प्रयोग कर सकते हैं। इसके अलावा आंखों की सुरक्षा के लिए भी आप चश्मे का प्रयोग कर सकते हैं।

ईपीसीए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित पर्यावरण प्रदूषण रोकथाम एवं नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) के सदस्यों ने कहा कि उनकी तरफ से एजेंसियों को निर्देश दिए जा चुके हैं कि वे प्रदूषण की रोकथाम के लिए सख्त कदम उठाएं। यदि कहीं खुले में कचरा जलता हुआ पाया गया या नियमों के उल्लंघन पर अधिकारियों द्वारा ध्यान देता नहीं पाया गया तो इसकी सूचना भी रिपोर्ट में दी जाएगी। ईपीसीए प्रदूषण की रोकथाम के लिए एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करती है जो सुप्रीम कोर्ट को भी भेजी जाती है। कोई अधिकारी लापरवाही बरतेगा तो उसका भी जिक्र रिपोर्ट में होगा।

बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए 1 से 10 नवंबर तक के लिए पर्यावरण प्रदूषण निवारक प्राधिकरण (इपका) की ओर से तमाम प्रतिबंधों के दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सीपीसीबी के मुताबिक, क्लीन एयर अभियान के तहत शुक्रवार और शनिवार को दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में 80 लाख से ज्यादा का जुर्माना वसूला गया। सिर्फ शनिवार को ही दिल्ली में 465 शिकायतों के आधार पर 52 टीमों ने 41 लाख 82 हजार से ज्यादा का जुर्माना वसूला है।

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