भाजपा की 131 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी

भाजपा की 131 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी

भारतीय जनता पार्टी की ओर से राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 के लिए अपने प्रत्याशियों की पहली सूची रविवार देर रात जारी कर दी गई. इस लिस्ट में पार्टी की ओर से 131 सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा की गई है.  इसमें 12 महिला और 32 युवा उम्मीदवारों को शामिल किया गया। पार्टी ने 17 एससी और 19 एसटी उम्मीदवारों को टिकट दिया है। सूची में 85 वर्तमान विधायक शामिल हैं। पार्टी ने 25 नए उम्मीदवारों पर भरोसा जताया है। 2013 में भाजपा ने 163 सीटें जीती थीं। सोमवार से नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

सूची में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के करीबी विधायक तो हैं ही आरएसएस से जुड़े लोग भी हैं। हालांकि, राजे पहली सूची में डीडवाना से विधायक और नंबर वन मंत्री रहे यूनुस खान का नाम शामिल नहीं करवा पाईं।  जहां इस लिस्ट में 25 नए चेहरों को जगह मिली है. वहीं इस लिस्ट में भरपूर वंशवाद और परिवारवाद भी सामने आया है. यहां तक कि इस लिस्ट में दिवंगत नेताओं की संतानों को भी टिकट दिया गया है.

इस लिस्ट में एक फैक्टर ये भी सामने आया है कि पार्टी ने जिताऊ उम्मीदवार चुनने के चक्कर में उम्र की सीमा भी नजरअंदाज कर दी है.

राष्ट्रीय जनता पार्टी (राजपा) छोड़कर भाजपा में शामिल हुए सांसद किरोड़ी लाल मीणा अपनी पत्नी गोलमा को सपोटरा से टिकट दिलाने में कामयाब रहे।

पिछले चुनाव में हाशिए पर धकेल दिए गए पूर्व मंत्री मदन दिलावर को पहली सूची में जगह मिली है। वहीं, पूर्व सांसद रामसिंह कस्वां को उनकी पत्नी की जगह सार्दुलपुर से उम्मीदवार बनाया गया है।

भाजपा ने एक भी मुस्लिम उम्मीदवार पर भरोसा नहीं जताया। नागौर से मौजूदा विधायक हबीबुर्रहमान का टिकट काट दिया गया।

पहली सूची में 12 महिलाओं को मौका दिया गया। 33% की मांग कर रही महिलाओं को 10% टिकट मिले हैं।

पूर्व मंत्री स्व. दिगंबर सिंह, स्व सांवरलाल जाट और धर्मपाल चौधरी के बेटों और उम्रदराज सुंदरलाल, कुंजीलाल मीणा के बेटों और देवीसिंह भाटी की बहू को मौका दिया गया है।

मानवेंद्र सिंह के कांग्रेस में शामिल होने के बाद बाड़मेर से सांसद कर्नल सोना राम को मौका देकर भाजपा ने जातीय ध्रुवीकरण साधने की कोशिश की है।

आमेर से 329 वोटों के अंतर से हारे सतीश पूनियां को संघ पृष्ठभूमि और जातीय समीकरणों के आधार पर फिर मौका दिया गया। अजमेर से लोकसभा चुनाव हारे रामस्वरूप लांबा को भी जाट की परंपरागत सीट से मौका दिया गया।

कांग्रेस केंद्रीय चुनाव समिति की सोमवार को बैठक होगी। शनिवार को कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी ने प्रदेश की 150 से अधिक विधानसभा सीटों के लिए सिंगल पैनल तैयार कर लिए थे। दिल्ली से बाहर होने के कारण इसमें पूर्व सीएम अशोक गहलोत शामिल नहीं हो पाए थे। ऐसे में गहलोत से चर्चा करने के लिए स्क्रीनिंग कमेटी की चेयरमैन कुमारी शैलजा ने उन्हें रविवार को बुलाया था। लगभग चार घंटे तक शैलजा ने एक-एक सीटों पर गहलोत से चर्चा की। शाम को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट, पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह पहुंच गए। दोनों नेताओं के साथ करीब तीन घंटे तक चर्चा हुई।

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