दिल्ली में नहीं सुधरे हालात तो लागू होगा ऑड-ईवन

दिल्ली में नहीं सुधरे हालात तो लागू होगा ऑड-ईवन
दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ने से परेशान लोग मॉर्निग वॉक पर भी मास्क लगाकर निकले। शुक्रवार सुबह आनंद विहार में एयर क्वॉलिटी इंडेक्स 585, अमेरिकी दूतावास के पास 467 और आरके पुरम में 343 रिकॉर्ड किया गया। दिवाली के लगभग 48 घंटे बाद भी दिल्ली के हालात नहीं सुधरे हैं। राजधानी में शुक्रवार सुबह भी प्रदूषण का स्तर बेहद गंभीर स्तर पर रहा और यहां वायु गुणवत्ता 'खतरनाक' श्रेणी की रही।  खतरनाक स्तर पर पहुंचे प्रदूषण को कम करने के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग ने आनंद विहार इलाके में पानी का छिड़काव किया।

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बावजूद लोग तय समय सीमा से ज्यादा देर तक पटाखे फोड़ते दिखे। वहीं इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दिवाली की रात राजधानी के विभिन्न इलाकों से 1705 किलो पटाखे जब्त किए गए हैं वहीं सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश का उल्लंघन करने के मामले में 562 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।

दिल्ली-एनसीआर का अधिकांश हिस्सा अत्यधिक खराब हवा की गुणवत्ता से जूझ रहा है। पिछले साल की बुरी हालत को देखते हुए इस बार सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में पटाखे फोड़ने को लेकर सख्त दिशानिर्देश जारी किए थे। बावजूद इसके राजधानी दिल्ली में जमकर पटाखे फोड़े गए जिसके बाद हवा की क्वालिटी लगातार खराब बनी हुई हैं। दिल्ली में ये हाल तब है जब सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों के बारे में आदेश दिया था कि सिर्फ ग्रीन पटाखे जलाए जाएंगे और वो भी 2 घंटे। लेकिन लोगों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की धज्जियां उड़ाते हुए घंटों तक पटाखे जलाए और वो भी रेड पटाखे(सामान्य रूप से  मिलने वाले पटाखे जिसमें केमिकल की मात्रा ज्यादा होती है)।इससे पहले भी दिल्ली की वायु गुणवत्ता बुधवार को ‘खराब’ से ‘बहुत खराब’ श्रेणी के बीच में बनी रही।

इस समय दिल्ली के हवा की जैसी स्थिति है उसके अनुसार यह सांस से जुड़ी बीमारियों के रोगियों के लिए जानलेवा है। यही नहीं स्वस्थ्य लोगों के लिए भी यह बेहद खतरनाक है। वातावरण में बढ़ गये प्रदूषण से होने वाले नुकसान पर रोशनी डालते हुए मशहूर छाती और श्वांस रोग विशेष डा एस के कटियार ने गुरूवार को 'भाषा' को बताया कि पटाखों के धुएं से बुजुर्ग लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि यह धुआं अस्थमा और क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) से पीड़ित रोगियों के लिये काफी नुकसान देह है। विशेषकर दमा से पीड़ित बच्चों और बुजुर्ग लोगों को इससे काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

दिवाली पर वायु प्रदूषण बढ़ने के बाद दिल्ली सरकार ने ऑड-ईवन लागू करने की योजना तैयार कर ली है। सरकार का कहना है कि अगर जरूरत पड़ी तो दिल्ली में एक बार फिर ऑड-ईवन स्कीम लागू की जाएगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अगर 48 घंटे तक दिल्ली में वायु की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर बनी रहती है, तो ग्रैप के तहत सम-विषम योजना लागू की जा सकती है। इस दौरान सीएनजी वाहन व दुपहिया वाहनों समेत जरूरी सेवाएं देने वाले दूसरे वाहनों को योजना के दायरे में नहीं लाया जाएगा।

प्रदूषण के खतरनाक स्तर पर पहुंचते ही बृहस्पतिवार रात 11 बजे से 11 नवंबर की रात 11 बजे तक ट्रकों सहित तमाम भारी वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। हालांकि यह प्रतिबंध आवश्यक वस्तुओं को लेकर आ रहे वाहनों पर लागू नहीं होगा।

इस प्रतिबंध के बाद 11 नवंबर की रात तक दिल्ली में करीब तीन लाख वाहनों को प्रवेश नहीं मिलेगा। प्रदूषण की बिगड़ती स्थिति में सुधार की उम्मीद के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है। दिल्ली पुलिस ने हरियाणा व यूपी पुलिस से संपर्क साधा है। रोज करीब 90 हजार ट्रक व अन्य भारी वाहनों समेत मध्यम दर्जे के माल ढुलाई करने वाले वाहनों का दिल्ली में प्रवेश होता है। भारी वाहनों की वजह से प्रदूषण में और बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए यह प्रतिबंध लगाया गया है। इस दौरान दिल्ली की सभी सीमाओं से लगते टोल बूथों से ट्रकों सहित तमाम भारी और मध्यम दर्जे के वाहनों को प्रवेश से रोका जाएगा।

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