हम भारत के साथ, आतंकवाद को कभी जीतने नहीं देंगे- ट्रम्प

हम भारत के साथ, आतंकवाद को कभी जीतने नहीं देंगे- ट्रम्प
26 नवंबर 2008 को 10 आतंकी कराची से समुद्र के रास्ते मुंबई पहुंचे थे। उन्होंने छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, ताज होटल, ट्राइडेंट होटल और यहूदी केंद्र पर हमला किया था। इसमें 166 लोग मारे गए थे। इनमें 28 विदेशी नागरिक भी शामिल थे। करीब 60 घंटे मुठभेड़ चली थी। एक आतंकी कसाब को जिंदा पकड़ा गया था।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मुंबई हमले की बरसी पर देर रात ट्वीट किया। उन्होंने लिखा- मुंबई आतंकवादी हमले की 10वीं बरसी पर न्याय के लिए अमेरिका भारत के लोगों के साथ खड़ा है। हम कभी भी आतंकियों को जीतने नहीं देंगे या जीत के करीब नहीं आने देंगे। इस हमले में छह अमेरिकियों सहित 166 निर्दोष लोग मारे गए थे। उन्होंने कहा, ‘‘ इस हमले में छह अमेरिकियों सहित 166 निर्दोष लोग मारे गए थे। हम आतंकवादियों को कभी जीतने या जीत के करीब नहीं आने देंगे। इन हमलों में अपने पति और 13 साल की बच्ची को गंवाने वाली महिला किआ चेर ने ट्वीट के लिए राष्ट्रपति का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा, ‘‘यह दिन हमें घृणा पर प्यार की जीत की याद दिलाता रहे। यह ऐसी ताकत है जिसे गोली मार नहीं सकती। यह हमारी असली ताकत है। शुक्रिया।

इससे पहले सोमवार को अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने मुंबई हमले में शामिल किसी भी व्यक्ति की जानकारी देने पर 50 लाख डॉलर (करीब 35 करोड़ रुपए) के इनाम का ऐेलान किया। उन्होंने कहा,  26/11 की बर्बरता ने पूरी दुनिया को अचंभित कर दिया था। अमेरिका इस बर्बरता के जिम्मेदार आतंकियों के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के दायित्वों को लागू करने के लिए पाकिस्तान के साथ बातचीत करेगा।

यहां पर भारतीय दूतावास में 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के पीड़ितों की याद में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें अमेरिका के आतंकवाद विरोधी कार्यक्रम के एक शीर्ष अधिकारी ने पाकिस्तान से लश्कर-ए-तैयबा तथा अन्य आतंकवादियों को न्याय के दायरे में लाने की मांग की। अमेरिका में भारतीय राजदूत नवतेज सरना ने हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इन हमलों में भारतीयों के अलावा 14 अन्य देशों के नागरिक भी मारे गए थे। इस कार्यक्रम में मारे गए लोगों की याद में दो मिनट का मौन भी रखा गया। साथ ही इस अवसर पर परमार्थ संस्था ‘वन लाइफ एलाइंस’ की सह संस्थापक चेर द्वारा लिखे गए एक लेख के कुछ अंश भी पढ़ कर सुनाए गए।  कार्यक्रम के अंत में एचबीओ का वृत्तचित्र ‘टेरर इन मुंबई’ भी दिखाया गया।

अमेरिकी आतंकवाद विरोधी शीर्ष अधिकारी नाथन सेल्स ने कहा, ‘‘यदि एक देश आतंकवाद से पीड़ित है तो हम सभी पीड़ित हैं। मुंबई हमले भारत में किए गए थे, लेकिन आतंकवादियों ने कई राष्ट्रों का खून बहाया। हम सभी देशों, खासकर पाकिस्तान को अपराधियों को कानून की जद में लाने के लिए कहते हैं। सभी देशों को संयुक्त राष्ट्र द्वारा स्वीकृत आतंकी गुट लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और इसके नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए आगे आना होगा। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत और अमेरिका एकसाथ जुड़े हुए हैं। एक-दूसरे के साथ रक्षा सहयोग से दोनों देशों के संबंध और मजबूत होंगे।

वही पोम्पियो ने कहा, ‘‘पाकिस्तान से कहा जाएगा कि वह अमानवीय हमले के लिए जिम्मेदार लश्कर-ए-तैयबा और दूसरे आतंकी संगठनों पर प्रतिबंध लगाए। पीड़ित परिवारों के लिए यह बेहद दुख की बात है कि हमले की साजिश में शामिल लोगों के खिलाफ 10 साल बाद भी कार्रवाई नहीं हो पाई।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अमेरिका के उस बयान का स्वागत किया है, जिसमें उसने पाकिस्तान से आतंकी संगठनों पर प्रतिबंध के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा। साथ ही हमले से जुड़े लोगों की सूचना देने वालों को इनाम देने का ऐलान किया है।

दैनिक चमकता राजस्थान

जयपुर से प्रकाशित एवं प्रसारित न्यूज़ पेपर

सम्बन्धित खबरें पढने के लिए यहाँ देखे
See More Related News
post business listing – Jaipur
Share on Google Plus

About Team CR

Dainik Chamakta Rajasthan to provide lightning fast, reliable and comprehensive informative information to our visitors in the form of news and articles.

0 comments:

Post a Comment