मां के ताने का जवाब दिया जीत का तोहफा देकर

रिएलिटी शो 'इंडियाज गॉट टैलेंट 8Ó के विजेता बने जादूगर जावेद खान की कहानी

रिएलिटी शो 'इंडियाज गॉट टैलेंट 8Ó के विजेता बने जादूगर जावेद खान की कहानी
मैं शो पर जादू दिखाने आया था, पर अभी लग रहा है कि मेरे साथ ही कोई जादू हो गया है। यह आश्चर्य भरी खुशी है रिएलिटी शो 'इंडियाज गॉट टैलेंट 8Ó के विजेता बने जादूगर जावेद खान की। मुंबई में रहने वाले जावेद यह शो जीतने वाले पहले जादूगर हैं। विजेता के तौर पर जावेद को ट्रॉफी के साथ 25 लाख रुपए की इनामी राशि और एक कार दी गई। मूलत: राजस्थान के सिरोही के रहने वाले वाले जावेद ने जादू सीखने के लिए कोई तालीम नहीं ली, बल्कि यह कारनामा उन्होंने खुद ऑनलाइन वीडियोज देखकर किया है। जादू से अपने जुड़ाव के बारे जावेद बताते हैं कि कुछ साल पहले मेरी सगाई को लेकर काफी दिक्कत हो गई थी। हमारे यहां छोटी उम्र में सगाई कर दी जाती है। मेरी भी सगाई तभी कर दी गई थी, जब मैं आठवीं या नौवीं क्लास में था। मैं शादी करने वाला भी था, लेकिन कॉलेज के दौरान मैंने सोचा कि पढ़ाई पूरी करने के बाद शादी करते हैं।
इसीलिए मैं लड़की वालों को यह समझाने चला गया, लेकिन वे नहीं समझे। उल्टे हमारे बारे में अफवाहें फैलाई। इससे हमारा नाम खराब हो गया। हमारा परिवार भी टूट गया था। तब मेरे पैरेंट्स भी नाराज हो गए। इधर, इंजीनियरिंग के बाद अपनी पहली जॉब में भी मुझे दिक्कतें आ रही थीं। उसी दौरान ऑफिस में एक इवेंट में मुझे कार्ड ट्रिक दिखाने का टास्क मिला था। तब मैंने ऑनलाइन सीखकर ट्रिक दिखाया, तो लोगों को काफी पसंद आया। इसके बाद मैं यू-ट्यूब और ऑनलाइन से ट्रिक्स सीखने लगा। लोगों को दिखाता, तो बहुत अच्छा रिएक्शन मिलता। इस तरह मैंने इसमें काफी मेहनत की। खुद ट्रिक्स बनाए। कई बार उन्हें सीखने में मैं दिन-रात लगा देता था। उसका सुखद परिणाम अब मिला है।
पिता को अब रिक्शा नहीं चलाने दूंगा
विनर के तौर पर मिली प्राइज मनी का क्या करेंगे? यह पूछने पर जावेद का कहना है कि मेरे डैड ऑटो रिक्शा चलाते हैं, लेकिन अब मैं उन्हें रिक्शा नहीं चलाने दूंगा। अगर वह काम करना चाहेंगे, तो ओला या कैब खरीदकर दूंगा। इसके अलावा हम यहां चॉल में किराए पर रहते हैं, तो चाहता हूं कि लोन या जैसे भी हो, एक ढंग का घर खरीद लूं। वहीं मुझे आगे अपने ट्रिक्स और आइडियाज पर भी काम करना है। 'इंडियाज गॉट टैलेंटÓ में भागीदारी करने की कैसे सूझी? यह पूछने पर जावेद ने बताया कि यह तभी की बात है, जब मेरे मॉम-डैड मुझसे नाराज थे। उसी दौरान, शो पर कोई विनर हुआ था, जिसे देखकर मेरी मां ने ताना मारा था कि इसके मां-बाप को कितना गर्व हुआ होगा कि उनके बेटे ने इतना नाम रोशन किया है।

...और मैंने तैयारी शुरू दी
तब मुझे लगा कि मुझे भी इनके लिए कुछ करना होगा। मैंने अपनी तैयारी शुरू दी। मैंने सारे पिछले सीजन देखे। सारे जादूगर प्रतिभागियों के ट्रिक्स देखे और समझने की कोशिश की कि उनमें क्या खामी रह गई, जिससे कोई फाइनल तक नहीं पहुंचा। हालांकि मुझे खुद उम्मीद नहीं थी कि मैं शो जीत पाऊंगा। मैंने सोचा था कि सेमीफाइनल तक पहुंच जाऊं तो बड़ी बात होगी, क्योंकि उसके बाद वोटिंग होती है। मुझे बिल्कुल भी भरोसा नहीं था कि एक क्लोज अप मैजिशियन से लोग कनेक्ट कर पाएंगे, लेकिन जब सेमीफाइनल में मुझे वोट मिले, तो मेरा आत्मविश्वास बहुत बढ़ा और प्री-फिनाले में मैंने और अपना बेहतर परफॉर्म किया।
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