अभिनेता कादर खान का निधन, शोक में डूबा बॉलीवुड

कुछ दिनों पहले कादर खान की मौत की झूठी खबर भी आई, जिसका उनके बेटे ने खंडन किया था

मुंबई। बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता कादर खान का कनाडा में निधन हो गया। कादर खान के बेटे सरफराज ने निधन की पुष्टि की है। खान ने कनाडा के अस्पताल में अंतिम सांस ली है, करीब 15 हफ्तों से वे अस्पताल में भर्ती थे। उल्लेखनीय है कि 22 अक्टूबर 1937 में कादर का जन्म हुआ था। उन्होंने 250 से ज्यादा उर्दू, हिन्दी फिल्मों में डायलॉग लिखे, 300 से अधिक फिल्मों में काम किया।
कुछ दिनों पहले कादर खान की मौत की झूठी खबर भी आई, जिसका उनके बेटे ने खंडन किया था।

कनाडा के हॉस्पिटल और बेटे सरफराज ने बताया, 'मेरे पिता अब नहीं रहे। लंबी बीमारी के कारण कनाडा के समय के अनुसार 31 दिसंबर को शाम 6 बजे उनका निधन हो गया। वह दोपहर में कोमा में चले गए थे। वह 16-17 सप्ताह तक अस्पताल में थे।' कादर खान का अंतिम संस्‍कार कनाडा में ही किया जाएगा। सरफराज ने बताया, 'हम अंतिम संस्‍कार कनाडा में ही करेंगे। यहां हमारा पूरा परिवार काफी लंबे समय से रह रहा है, इसलिए हम सभी अंतिम क्रियाएं सिर्फ यहीं करेंगे।'

हिंदी सिनेमा के मशहूर अभिनेता कादर खान लंबे समय से बीमार चल रहे थे और कनाडा के अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। कादर खान को सांस लेने में समस्या थी और इसी कारण डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर रखा था। कादर खान की तबीयत खराब को लेकर चल रही खबरों के बाद बॉलीवुड सिलेब्रिटीज भी उनके अच्छे स्वास्थ्य की दुआएं करने लगे थे। अमिताभ बच्चन ने ट्वीट किया, 'कादर खान, बेहद प्रतिभाशाली एक्टर और राइटर अस्पताल में हैं। उनकी सेहत के लिए दुआ करता हूं।'

उन्होंने 1973 में ‘दाग’ फिल्म से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। इसमें राजेश खन्ना मुख्य भूमिका में थे। इससे पहले वह रणधीर कपूर और जया बच्चन की फिल्म ‘जवानी-दिवानी’ के लिए संवाद लिख चुके थे। एक पटकथा लेखक के तौर पर खान ने मनमोहन देसाई और प्रकाश मेहरा के साथ कई फिल्में लिखी।

कादर खान ने मनमोहन देसाई के साथ मिलकर 'धर्म वीर', 'गंगा जमुना सरस्वती', 'कुली' 'देश प्रेमी', 'सुहाग', 'अमर अकबर एंथनी' और मेहरा के साथ 'ज्वालामुखी', 'शराबी', 'लावारिस' और 'मुकद्दर का सिकंदर' जैसी फिल्में लिखी। खान ने 'कुली नंबर 1', 'मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी', 'कर्मा', 'सल्तनत' जैसी फिल्मों के संवाद लिखे। उन्होंने करीब 300 फिल्मों में काम किया और 250 से ज्यादा फिल्मों के संवाद लिखे थे।

कादर खान को प्रोग्रेसिव सुपरान्यूक्लियर पाल्सी नामक बीमारी थी, जिसकी वजह से उन्हें बैलेंस बनाने में, चलने-फिरने में दिक्कत होती थी। इसके अलावा उन्हें डिमेंसिया (भूलने की बीमारी) भी थी।
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