बिना पासपोर्ट के देखें दुनिया के 7 अजूबे

सराय काले खां के पास बना 'वंडर्स ऑफ द वल्र्ड’ पार्क

जब भी बात दुनिया के 7 अजूबों की होती है तो आपके मन में भी ख्वाहिश होती होगी कि एक बार ही सही लेकिन इन अजूबों को तस्वीरों में नहीं बल्कि अपनी आंखों से देखा जाए। लेकिन इसके लिए आपको पासपोर्ट, वीजा के साथ ही काफी पैसों की भी जरूरत होगी। लेकिन अब आपका यह सपना भी जल्द ही हकीकत में बदलने वाला है और बिना किसी पासपोर्ट के आप दुनिया के सात अजूबों को एक साथ एक ही जगह पर देख पाएंगे और वह भी राजधानी दिल्ली में।
सराय काले खां के पास बना 'वंडर्स ऑफ द वल्र्ड’ पार्क
दिल्ली के सराय काले खां बस टर्मिनल के पास बना 'वंडर्स ऑफ द वल्र्ड पार्क’ का उद्घाटन फरवरी के दूसरे सप्ताह में होगा और ऐसी उम्मीद की जा रही है कि यह पार्क जल्द ही शहर के सबसे बड़े टूरिस्ट अट्रैक्शन्स में से एक बन जाएगा। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि इस पार्क में आपको एक साथ दुनिया के 7 अजूबे देखने को मिलेंगे। साउथ-ईस्ट दिल्ली के इस पार्क में आपको आगरा का ताज महल, गीजा का ग्रेट पिरामिड, पेरिस का आइफिल टावर, पीसा की झुकी हुई मीनार, रियो डी जनेरियो का क्राइस्ट रीडीमर, रोम का कोलोसियम और न्यूयॉर्क की स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी देखने को मिलेगें। इसमें इन प्रसिद्ध जगहों का रेप्लिका बनाया गया है।
स्क्रैप से बना सभी इमारतों का रेप्लिका
इतना ही नहीं इस पार्क में ऐसी कई चीजें हैं, जो पहली बार आपको देखने को मिलेंगी। पार्क में बने सभी क्लोन्स या रेप्लिका गाडिय़ों के स्क्रैप यानी कबाड़ से तैयार किए गए हैं। इन क्लोन्स को फिनिशिंग लुक देने के साथ-साथ यहां सोडियम लाइट्स भी लगाई गई हैं ताकि इनके फीचर्स को हाइलाइट किया जा सके। जानकारी के मुताबिक यह पार्क पूरी तरह से बनकर तैयार है। इसमें सिर्फ लैंडस्केपिंग और रास्ते बनाने का काम किया जा रहा है और एक बार यह काम हो जाए, उसके बाद पूरे पार्क में बेहद खूबसूरत लाइटें लगाई जाएंगी। जिससे पार्क की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाएगी।
ऊर्जा के लिए विंड और सोलर पावर का हुआ है इस्तेमाल
पहली बार ऐसा होगा जब इस पार्क में बिजली और ऊर्जा की खपत से निपटने के लिए विंड और सोलर पावर का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए पार्क में 3 सोलर ट्री लगाई गई हैं और हर एक ट्री 6 किलोवॉट तक बिजली पैदा करने की क्षमता रखती है। साथ ही इस पार्क में जल्द ही एक विंड टर्बाइन लगाने की भी योजना है।
आइफिल टावर की ऊंचाई 70 फीट
पार्क में मौजूद हर एक रेप्लिका के सामने बोर्ड भी लगाया जाएगा, जिस पर ओरिजिनल जगह के बारे में जानकारी देने के साथ-साथ यह भी बताया जाएगा कि इस इमारत को बनाने में किस तरह के स्क्रैप का इस्तेमाल किया गया है। उदाहरण के लिए- क्राइस्ट रीडीमर स्टैच्यू का निर्माण पुराने आयरन बेंच से किया गया है जबकि ताज महल के 4 मीनारों का निर्माण साइकल के स्पेयर पाट्र्स से। सभी रेप्लिका की ऊंचाई करीब 25 से 30 फीट है, सिवाय आइफिल टावर के, जिसकी ऊंचाई 70 फीट है। पार्क में सेल्फी स्पॉट भी बनाया गया है, जहां से लोग इन अजूबों के साथ अपनी तस्वीरें भी खींच सकेंगे।
पार्क में प्रवेश के लिए लगेगी एंट्री फी
दुनिया के 7 अजूबों वाला पार्क बनाने का आइडिया राजस्थान के कोटा से आया। जहां ऐसा ही एक पार्क पहले से मौजूद है। इसके निर्माण में कुल लागत 7.५ करोड़ रुपए आई है। पार्क में प्रवेश करने वालों से एंट्री फी भी ली जाएगी और इसका इस्तेमाल रखरखाव में किया जाएगा। पार्क में खाने-पीने की व्यवस्था भी की जाएगी, साथ ही पार्किंग की सुविधा और बच्चों के लिए खेलने की जगह भी पार्क में बनाई जाएगी।
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