मायावती व अखिलेश ने सपा-बसपा गठबंधन पर लगाई मुहर

उप्र में दोनों पार्टियां 38-38 सीटों पर लड़ेंगी चुनाव

उप्र में दोनों पार्टियां 38-38 सीटों पर लड़ेंगी चुनाव, कांग्रेस व अन्य दलों के लिए दो-दो सीटें छोडऩे का फैसला
लखनऊ ।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में 25 साल तक एक-दूसरे के धुर विरोधी रहे सपा और बसपा ने भाजपा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 2019 लोस चुनाव में फिर सत्ता में आने से रोकने के लिए शनिवार को नए राजनीतिक गठबंधन का ऐलान कर दिया।
अखिलेश यादव और मायावती ने यूपी में लोकसभा की 38-38 सीटों पर लडऩे की घोषणा की। दो सीटें अमेठी और रायबरेली पर कोई प्रत्याशी नहीं उतारने के साथ ही दो अन्य सीटें गठबंधन में संभावित पार्टियों के लिए छोड़ी हैं। गठबंधन का औपचारिक ऐलान यहां एक पांच सितारा होटल में अखिलेश यादव व मायावती ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में किया।
गठबंधन से गदगद मायावती ने कहा कि मोदी-शाह रूपी गुरु-चेला की नींद अब उड़ जाएगी।मायावती ने कहा, मोदी सरकार ने देश को अराजकता और आर्थिक बदहाली की ओर धकेला है। नोटबंदी और जीएसटी के फैसले ने जनता और मेहनतकश वर्ग की कमर तोड़ दी।
भाजपा ने सिर्फ उद्योगपतियों और पूंजीपतियों का भला किया है।मायावती बोलीं, गठबंधन से जगीं उम्मीदें : मायावती ने बसपा-सपा गठबंधन को ''नई राजनीतिक क्रांति का आगाज’ करार देते हुए कहा कि इस गठबंधन से समाज की बहुत उम्मीदें जग गई हैं। यह सिर्फ दो पार्टियों का मेल नहीं है, बल्कि सर्वसमाज का मेल है। यह सामाजिक परिवर्तन का बड़ा आंदोलन बन सकता है।
हमारी सरकार पर नहीं भ्रष्टाचार का आरोप : मोदी
मोदी ने कहा कि देश के इतिहास में पहली बार ऐसी सरकार है, जिस पर भ्रष्टाचार के आरोप नहीं हैं, देश विकास के मंत्र के आधार पर आगे बढ़ रहा है। हम ऐसी मजबूत सरकार चाहते हैं जो देश की सेना की हर जरूरत को पूरा कर सकें, किसानों को सशक्त बनाए, लेकिन वो ऐसी मजबूर सरकार चाहते हैं ताकि रक्षा सौदों में दलाली खाई जा सके, किसानों की कर्जमाफी में भी घोटाला कर सकें।सीबीआई से डर : मोदी ने आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल एवं छत्तीसगढ़ में सीबीआई के काम करने पर लगाई गई रोक के लिए कांग्रेस एवं उसके साथी विपक्षी दलों पर संस्थाओं की अवज्ञा करने का आरोप लगाया और कहा कि वे अपनी सल्तनत बचाने के लिए डरे हुए हैं।
आखिर इन राज्यों को सीबीआई से डर क्यों लग रहा है।
छलका दर्द : मोदी ने कहा कि जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब किस प्रकार से उन्हें परेशान किया गया, उनसे घंटों पूछताछ की गई। उन्होंने कहा कि वे कानून को मानने वाले लोग हैं और उन्होंने पूरा सहयोग किया। गेस्ट हाउस कांड को भूलकर आगे बढ़े
मायावती ने कहा, ''नोटबंदी और जीएसटी के फैसले ने जनता और मेहनतकश वर्ग की कमर तोड़ दी। यही वजह है कि 1995 के गेस्ट हाउस कांड को भूलकर हम गठबंधन कर रहे हैं। जिस तरह हमने अभी तक के सभी लोकसभा और विधानसभा उप-चुनावों में भाजपा के अधिकांश उम्मीदवारों को हराया है, उसी तरह हमें उम्मीद है कि आम चुनाव में भी हम हराएंगे।
भाजपा ने यूपी को बनाया जाति प्रदेश
अखिलेश यादव ने कहा, ''भाजपा सरकार ने उत्तर प्रदेश को ''जाति प्रदेश'' बना दिया है। भाजपा ने भगवानों को भी जाति में बांट दिया। इस गठबंधन से भाजपा घबरा गई है और वह तरह-तरह की साजिशें रच सकती है।
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