प्रधानमंत्री मोदी का तालकटोरा स्टेडियम में ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम आयोजित

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा-''आप कभी सोचते हैं कि मां भी कभी थकती होगी

तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों से कहा कि वे कुछ पल बच्चों की तरह जीना चाहते हैं, इस कार्यक्रम में छात्रों के अलावा कुछ अभिभावक और शिक्षक भी शामिल हुए।
इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा, ''मैं मां-बाप से कहना चाहता हूं, वे मां-बाप विफल हैं जो अपने सपनों को बच्चों पर थोपकर पूरा करवाना चाहते हैं, ऐसा नहीं है कि मां बाप को इसके लिए ट्रेनिंग की जरूरत हो।''
प्रधानमंत्री ने कहा ''बहुत पहले मैंने कविता पढ़ी थी, उसमें एक बात थी, कुछ खिलौनों के टूटने से बचपन नहीं मरा करता, यानी कुछ एग्जाम में दिक्कत हो जाए तो सब खराब नहीं होता।
लेकिन जीवन में कुछ कसौटी होती हैं, यह हमें ऊर्जा से भरती हैं, अगर हम अपने आप को कसौटी के तराजू पर झोकेंगे नहीं, तो जिंदगी ठहर जाएगी, जबकि जिंदगी का मतलब होता है तेजी, गति बिना उस जिंदगी का क्या मतलब?''
मोदी ने कहा ''अभिभावकों के लिए मेरा यही आग्रह होगा कि आपके सपने भी होने चाहिए अपेक्षाएं भी होनी चाहिए, लेकिन प्रेशर से स्थिति बिगड़ जाती है, प्रेशर से रिएक्शन आता है, ऐसा न हो इसका ध्यान रखना चाहिए।''
प्रधानमंत्री ने कहा ''जब छोटा बच्चा होता है, तो मां बाप उसकी गलतियों का जिक्र मेहमानों से काफी अच्छे से करते हैं, क्योंकि उसकी एक्टिविटी वो नोट करते हैं, लेकिन 7-8 साल की उम्र के बाद हम उसकी एक्टिविटी पर ज्यादा ध्यान नहीं देते।
मोदी ने कहा, ''आप कभी सोचते हैं कि मां भी कभी थकती होगी, उसका भी मन करता है कि चलो आज सो जाएं, लेकिन जैसे ही बच्चे का स्कूल से घर आने का समय होता है तो वह दरवाजे पर मुस्कुराते हुए खड़ी रहती है।
क्या हम पूछते हैं कि मां दिनभर काम करने की ऊर्जा कैसे आती है? मां कहती है कि घर का काम करने में कैसी थकावट, मैं नहीं करूंगी तो कौन करेगा, मैं भी ऐसा ही सोचता हूं, दिनभर काम करने के बाद जब बिस्तर पर जाता हूं तो दूसरे दिन नया करने का सोचता हूं।''
पिछली बार भी मोदी ने छात्रों के साथ संवाद किया था, इसमें देश-विदेश के दो हजार छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों ने हिस्सा लिया, इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले छात्र 9वीं से 12वीं कक्षा के हैं, कुछ छात्र कॉलेजों के भी हैं।
सभी सरकारी और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों में कार्यक्रम के सीधे प्रसारण की व्यवस्था की गई, कार्यक्रम का उद्देश्य बोर्ड की परीक्षाओं से पहले छात्रों को तनाव मुक्त करना और उनकी सही मार्गदर्शन करना है।
छात्रों का चयन सात से 17 जनवरी के बीच आयोजित ऑनलाइन परीक्षा के आधार पर किया गया, 1,02,173 छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों ने माईजीओवी डॉट इन पर यह परीक्षा दी थी, इसमें उन्हें तीन थीम- ‘आकर्षक कैप्शन प्रतियोगिता’, ‘मैं प्रेरित हूँ प्रतियोगिता’ और ‘स्नातक तथा निचली कक्षाओं के लिए सफलता का मेरा मंत्र’ दिए गए थे।
विदेशी छात्रों में रूस, नाइजीरिया, ईरान, नेपाल, दोहा, कुवैत, सऊदी अरब और सिंगापुर के छात्र कार्यक्रम में शामिल हुए, इस साल 10 मिनट का सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुआ।


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