भारतीय नारी प्रियंका गांधी सब पर भारी

                                              भारतीय नारी प्रियंका गांधी सब पर भारी

दिन में भाई के लिए सड़कों पर राजनीति और शाम को पति की हौंसला अफजाई।

दिन में भाई के लिए सड़कों पर राजनीति और शाम को पति की हौंसला अफजाई।

मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में रॉबर्ट वाड्रा और उनकी मां मौरीन आज जयपुर में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश होंगी।

प्रियंका स्वयं अपनी सास और पति को ईडी के दफ्तर छोड़ने जाएंगी, इसके तुरंत बाद प्रियंका चार्टर प्लेन से लखनऊ के लिए रवाना हो जाएंगी।

श्रीमती प्रियंका गांधी अपने भाई राहुल गांधी और माँ श्रीमती सोनिया गांधी की मदद के लिए ही राजनीति में आई है, 22 वर्ष पहले उनका विवाह रॉबर्ट वाड्रा के साथ हो गया था, लेकिन प्रियंका ने अपने पीहर की जिम्मेदारियां से कभी भी मुंह नहीं मोडा।

उनके पति रॉबर्ट वाड्रा जमीन घोटालों और करोड़ों की सम्पत्तियों के केस में फंस गए हैं वो एक भारतीय नारी की भूमिका निभाते हुए प्रियंका अपने ससुराल वालों के साथ भी खड़ी हैं।

प्रियंका गांधी ने दिन में मां और भाई के लिए लखनऊ की सड़कों पर राजनीति की और रात को जयपुर पहुंच कर सास और पति की हौंसला अफजाई की ।

ऐसी मेहनत, निष्ठा, वफादारी एक भारतीय नारी ही कर सकती है।

आरोप है कि उन्होंने बीकानेर जिले के कोलायत में 79 लाख में 270 बीघा जमीन खरीदकर तीन साल बाद 5.15 करोड़ में बेच दी।

सोमवार रात प्रियंका गांधी उत्तरप्रदेश का दौरा छोड़कर पति रॉबर्ट वाड्रा से मिलने जयपुर पहुंचीं।

2007 में वाड्रा ने स्काइलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड के नाम से एक कंपनी बनाई, वाड्रा और उनकी मां मौरिन कंपनी की डायरेक्टर बनीं।

बाद में कंपनी का नाम स्काइलाइट हॉस्पिटैलिटी लिमिटेड लायबिलिटी कर दिया गया, रजिस्ट्रेशन के वक्त बताया गया था कि ये कंपनी रेस्टोरेंट, बार और कैंटीन चलाने जैसे काम करेगी।

वाड्रा की कंपनी ने 2012 में कोलायत क्षेत्र में 270 बीघा जमीन 79 लाख रुपए में खरीदी, आरोप है कि यह बीकानेर में भारतीय सेना की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज की जमीन थी।

इस जमीन के कुछ हिस्से पर विस्थापित लोगों को बसाया गया था, लेकिन उनमें से कुछ ने फर्जी दस्तावेज तैयार करवाकर जमीन वाड्रा की कंपनी को बेच दी, जबकि सेना की जमीन बेची नहीं जा सकती।

बाद में वाड्रा की कंपनी ने यह जमीन पांच करोड़ रुपए में बेची, ईडी ने इस मामले में कुछ स्थानीय अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध मानी है।

2013 में राजस्थान में भाजपा सरकार बनी और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इस जमीन सौदे की जांच शुरू कराई, 2014 में जमीन सौदों को लेकर केस दर्ज किया गया।

2015 में मनी लांड्रिंग से जुड़े इस मामले की जांच ईडी ने शुरू की, जांच एजेंसी को वाड्रा की कंपनी से जमीन खरीदने वाली कंपनी एलजेनी फिनलीज प्राइवेट लिमिटेड पर भी शक है।

जमीन खरीदने के लिए इस कंपनी ने भूषण पावर और स्टील से करीब साढ़े पांच करोड़ का कर्ज लिया था, बाद में सरकार ने भूषण स्टील को 500 करोड़ रुपए के विभिन्न करों से राहत दे दी।

जमीन की सौदेबाजी में कांग्रेस के एक विधायक के भाई महेश नागर की भूमिका पर भी शक है, महेश के करीबी अशोक कुमार ने कंपनी के लिए कोलायत में जयप्रकाश से जमीन के सौदे किए थे, अशोक और जयप्रकाश को गिरफ्तार भी किया गया।
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