हिंगोनिया गोशाला में रख रखाव के नाम पर अक्षय पात्र ट्रस्ट की लूट


                    हिंगोनिया गोशाला में रख रखाव के नाम पर अक्षय पात्र ट्रस्ट की लूट
हिंगोनिया गोशाला ने भूख से तड़पकर 4 दिन में 150 गायों की मौत

हिंगोनिया गोशाला को संभालने में नगर निगम के नाकारा साबित होने के बाद राज्य सरकार ने इसकी सार-संभाल का संपूर्ण जिम्मा अक्षयपात्र फाउंडेशन को दे दिया था।

इसके लिए नगर निगम और संस्था के बीच डीएलबी मुख्यालय में तत्कालीन नगरीय विकास मंत्री राजपाल सिंह शेखावत और तत्कालीन पीडब्ल्यूडी मंत्री युनूस खान की उपस्थिति में एमओयू हुआ था।

एमओयू पर तत्कालीन महापौर निर्मल नाहटा, तत्कालीन आयुक्त हेमन्त गेरा तथा संस्था के अध्यक्ष गोविन्द दास (रघुनाथ पंवार) ने हस्ताक्षर किए थे, एमओयू के तहत गायों का रखरखाव संस्था के जिम्मे होगा, जो शुरूआत में 6 माह के लिए प्रभारी होगा।

छह माह के कार्यो की समीक्षा होगी और सब ठीक रहा तो ये अनुबंध 19 साल के लिए बढ़ा दिया जाएगा एमओयू के तहत गायों का चारा-पानी आदि की व्यवस्था नगर निगम करेगा जबकि शेष काम यथावत रहेंगे।

गौशाला में बने हॉस्पिटल, पॉली क्लिनीक पशुपालन विभाग की ओर से ही संचालित रहेगा, नगर निगम जयपुर द्वारा गाय पकडऩे व छोडऩे की प्रक्रिया यथावत रहेगी।

गौशाला में ट्रस्ट की ओर से गोपाष्टमी और अन्नकूट प्रसादी जैसे कई कार्यक्रम आयोजित किये जाते है,जिसमे लाखों रुपयों का चंदा आता है तो क्या ट्रस्ट अपनी तरफ से चारे की व्यवस्था नहीं कर सकता था।

और यदी चारे की कमी थी तो ट्रस्ट ने इसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया शहर में दान दाताओ की कोई कमी नहीं है वे गो माता को यों चारे की कमी से मरने नहीं देते, ये पूरी तरह से ट्रस्ट की नाकामी है जिसने गायों को चारे के अभाव में मरने दिया जबकी कई कार्यक्रम करके वह चंदा जुटाने में माहीर है।

हिंगोनिया गौशाला में चारे की कमी के चलते भूख से तड़पकर गुरुवार को 80 से ज्यादा गायों ने दम तोड़ दिया, इससे पहले मंगलवार को भी इसी तरह करीब 70 गायों की मौत हो गई थी।

गौशाला की देखरेख कर रहे श्रीकृष्ण बलराम सेवा ट्रस्ट अक्षय पात्र के पदाधिकारियों की मानें तो 6 फरवरी को नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर चारा नहीं होने की स्थिति से अवगत करा दिया था, बावजूद इसके निगम प्रशासन की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया गया।

चार दिन में करीब डेढ़ सौ गायों की मौत के बाद अब निगम प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए हैं लापरवाही बरतने के आरोप में प्रभारी राजेंद्र चित्तोड़िया और चिकित्सक डॉ. कमलेश मीना को सस्पेंड कर दिया ।

आयुक्त ने शाम तक करीब तीन करोड़ रुपए अक्टूबर का भुगतान कर दिया,गौशाला में मृत गायों को एक गड्ढे में दबाया जा रहा था, वहीं पशु आहार के लिए बनाया गया चारे का गोदाम पूरी तरह खाली दिखाई दिया ।

अक्षय पात्र के अधिकारियों ने बताया कि यहां गोवंश के लिए तकरीबन 80 से 100 टन चारे की हर रोज जरूरत होती है।


                   हिंगोनिया गोशाला में रख रखाव के नाम पर अक्षय पात्र ट्रस्ट की लूट

लेकिन बीते 4 दिन से यहां आपूर्ति ठप पड़ी है, हिंगोनिया गोशाला समन्वयक राधा प्रियदास ने बताया कि नगर निगम पर 12 करोड़ रुपए का बकाया है।

निगम प्रशासन गौशाला की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से नहीं चला पा रहा था, यही कारण था कि राज्य सरकार ने यह जिम्मेदारी अक्षय पात्र को सौंपी थी।

लेकिन अक्षय पात्र पूरी तरह से निगम के ऊपर निर्भर है, उन्होंने कहा इस संबंध में शुक्रवार को मेयर से मुलाकात कर रास्ता निकाला जाएगा।

अक्षय पात्र ट्रस्ट और निगम प्रशासन के बीच चल रही खींचतान में गाय पिसती हुई नजर आ रही है, 4 दिन में हुई डेढ़ सौ गायों की मौत ने इस पूरे सिस्टम पर सवालिया निशान खड़े कर दिए है, यदि जल्द गायों के लिये चारा नहीं पहुंचता है तो स्थिति और भी भयावह होने के आसार है।

दैनिक चमकता राजस्थान
Dainik Chamakta Rajasthan e-paper and Daily Newspaper, Publishing from Jaipur Rajasthan





सम्बन्धित खबरें पढने के लिए यहाँ देखे
Share on Google Plus

About CR Team

Dainik Chamakta Rajasthan to provide lightning fast, reliable and comprehensive informative information to our visitors in the form of news and articles.

0 comments:

Post a Comment