विश्व के ऐतिहासिक मंदिर

विश्व के ऐतिहासिक मंदिर विश्व के ऐतिहासिक मंदिर

मृतकों का मंदिर, मिस्र
                                     करीब 1300 ईसा पूर्व मिस्र में मृतकों का यह मंदिर बनाया गया, यहां शव रखे जाते थे, जिन्हें पौराणिक देवता अमून को चढ़ाया जाता था।



टेम्पल ऑफ इनस्क्रिप्शन, मेक्सिको
                                                         माया सभ्यता से जुड़ा यह मंदिर सन 683 के आस पास तैयार हुआ, मिस्र के बाहर यह दुनिया में पिरामिड आकार का सबसे बड़ा ढांचा है ।



सोमनाथ मंदिर, भारत

सोमनाथ मंदिर पहली बार कब बना, इसका सही सही अंदाजा नहीं है, लेकिन दूसरी बार यह 649 ईसवी में बना,इसके बाद सोमनाथ बार बार हमलों का शिकार हुआ, 1951 में मंदिर का चालुक्य वास्तुकला के अनुसार पुर्नउद्धार किया गया।



बोरोबुडुर मंदिर, इंडोनेशिया
बोरोबुदुर यह शब्द दो शब्दों के जोड़ से उत्पन्न हुआ है। बोरो अर्थात् बड़ा और बुदुर अर्थात् बुद्ध, यानि बड़ा बुद्ध। जावा प्रदेश की भाषा में बुदुर का एक अर्थ पर्वत भी है। बड़े पर्वत का आभास कराता बोरोबुदुर मंदिर इस नामकरण पर खरा उतरता है। कुछ विद्वानों का मानना है कि बोरो शब्द बौद्ध मठ अथवा बौद्ध विहार का अपभ्रंश है। मेरे ध्यानानुसार बोरोबुदुर के आसपास कोई बौद्ध मठ नहीं है और ना किसी साहित्य में इसका जिक्र!

बोरोबुदुर दो ज्वालामुखियों व दो नदियों के बीच स्थित है, इस कारण इसकी जमीन अत्यधिक उपजाऊ है।

9वीं शताब्दी में सेंट्रल जावा में यह महायान बौद्ध मंदिर बनाया गया, यहां खास अंदाज में गौतम बुद्ध की 500 से ज्यादा मूर्तियां हैं।
                                                              विश्व के ऐतिहासिक मंदिर 


प्रांबानन मंदिर, इंडोनेशिया
हिन्दू देवी देवताओं के अनेकों मंदिर दुनियाभर में मौजूद हैं। जहां भगवान शिव के साथ-साथ कई देवी-देवताओं को अलग-अलग नामों से पूजा जाता है। 
भगवान शिव का ऐसा ही एक बहुत सुंदर और प्राचीन मंदिर इंडोनेशिया के जावा में है। शहर से लगभग 17 कि.मी. की दूरी पर स्थित यह मंदिर बहुत सुंदर और प्राचीन होने के साथ-साथ, इससे जुड़ी एक कथा के लिए भी प्रसिद्ध है।
9वीं शताब्दी के मध्य में ही इंडोनेशिया के दूसरे इलाके में हिंदू साम्राज्य संजया के राजाओं ने प्रांबानन मंदिर बनवाया, 47 मीटर ऊंचा यह मंदिर वास्तुकला का मास्टरपीस भी माना जाता है।



अंकोरवाट मंदिर, कंबोडिया
कंबोडिया स्थित अंगकोर वाट के विषय में 13वीं शताब्दी में एक चीनी यात्री का कहना था कि इस मंदिर का निर्माण महज एक ही रात में किसी अलौकिक सत्ता के हाथ से हुआ था। 
यह सब तो इस महल रूपी मंदिर से जुड़ी लोक कहानियां हैं, असल में इस मंदिर का इतिहास बौद्ध और हिन्दू दोनों ही धर्मों से बहुत निकटता से जुड़ा है।
अंगकोर वाट नामक विशाल मंदिर का संबंध पौराणिक समय के कंबोदेश और आज के कंबोडिया से है। यह मंदिर मौलिक रूप से हिन्दू धर्म से जुड़ा पवित्र स्थल है, जिसे बाद में बौद्ध रूप दे दिया गया।



हम्पी मंदिर, भारत

2014 के सांख्यिकी आँकड़ो के अनुसार, हम्पी गूगल पर खोजी जाने वाली कर्नाटक की सबसे प्रसिद्ध जगह है। हम्पिर साम्राज्य का सैन्य बल काफी मजबूत था जिनमे तक़रीबन 2 मिलियन पुरुष थे।

1500 AD के आस-पास विजयनगर में तक़रीबन 5,00,000 निवासी रहने लगे थे, और उस समय यह बीजिंग के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा शहर था और यह पेरिस की तुलना में कुल 3 गुना बड़ा है।

सम्राट अशोक के माइनर रॉक शिलालेख नुत्तुर और उडेगोलन के अनुसार यह साम्राज्य 3 री शताब्दी के दौरान अशोक साम्राज्य का ही भाग था। हम्पी का पहला समझौता पहली CE में हुआ था।

विजयनगर के राजा के कुछ समय पहले ही, उनका क्षेत्र कम्पिली के प्रमुखों के हाथो में चला गया था, जो अभी एक छोटा गाँव है, और हम्पी से 19 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है।

कहा जाता है की कम्पिली की स्थापना अन्नर बाड़ा के गायत्री गिरी ने की थी। गायत्री गिरी, गिरी साम्राज्य की उत्तराधिकारिणी थी जिसने अपने राज्य की सुरक्षा के लिये अपनी एक विशाल सेना की निर्मिती कर रखी थी।



पशुपतिनाथ, नेपाल
विश्व में दो पशुपतिनाथ मंदिर प्रसिद्ध है एक नेपाल के काठमांडू का और दूसरा भारत के मंदसौर का। 
दोनों ही मंदिर में मुर्तियां समान आकृति वाली है, नेपाल का मंदिर बागमती नदी के किनारे काठमांडू में स्थित है और इसे यूनेस्को की विश्व धरोहर में शामिल किया गया है। 
यह मंदिर भव्य है और यहां पर देश-विदेश से पर्यटक आते हैं।

15वीं शताब्दी में राजा शुपुष्पा ने पशुपतिनाथ मंदिर का पुर्ननिर्माण किया, 11वीं शताब्दी के एक ग्रंथ के मुताबिक वहां पहले भी मंदिर था।



वाट अरुण मंदिर, थाइलैंड
थाईलैंड में 30,000 से अधिक मंदिर या वाट हैं और इनमें से कुछ बेहद दर्शनीय वाट बैंकॉक में हैं। 
सूर्योदय का मंदिर कहा जाने वाला वाट अरुण राजधानी के सबसे प्रसिद्ध स्थलों में से एक है और चाओ फ्राया नदी के थोनबरी तट पर स्थित है। 
जब दिन की पहली किरण चाओ फ्राया नदी के साफ व स्वच्छ पानी से टकराती है तो रंगीन सजे हुए शिखरों से निर्मित, वाट अरुण का दृश्य मन को प्रसन्न कर देता है। 
आंखों को सुकून देने वाला यह स्थान बैंकॉक की पर्यटन सूची में सबसे ऊपर है।
वाट अरुण पर्यटकों के लिए प्रतिदिन सुबह 8.30 से शाम 5.30 तक खुला रहता है।



स्वर्ण मंदिर, भारत

श्री हरमंदिर साहिब को श्री दरबार साहिब या स्‍वर्ण मंदिर भी कहा जाता है और यह अमृतसर में स्थित सिक्‍खों का सबसे पवित्र मंदिर माना जाता है। 
यह मंदिर सिक्‍ख धर्म का सहनशीलता तथा स्‍वीकार्यता का संदेश अपनी वास्‍तुकला के माध्‍यम से प्रवर्तित करता है, जिसमें अन्‍य धर्मों के संकेत शामिल किए गए हैं। 
दुनिया भर के सिक्‍ख श्री अमृतसर आना चाहते हैं और श्री हरमंदिर साहिब में अपनी अरदास देकर अपनी श्रद्धा व्‍यक्‍त करना चाहते हैं।
गुरु अर्जन साहिब, पांचवें नानक, ने सिक्‍खों की पूजा के एक केन्‍द्रीय स्‍थल के सृजन की कल्‍पना की और उन्‍होंने स्‍वयं श्री हरमंदिर साहिब की वास्‍तुकला की संरचना की।  
इस स्‍थल की भूमि मूल गांवों के जमींदारों से मुफ्त या भुगतान के आधार पर पूर्व गुरू साहिबों द्वारा अर्जित की गई थी। 
यहां एक कस्‍बा स्‍थापित करने की योजना भी बनाई गई थी, अत: सरोवर पर निर्माण कार्य के साथ कस्‍बों का निर्माण भी इसी के साथ 1570 में शुरू हुआ, दोनों परियोजनाओं का कार्य 1577 ए.डी. में पूरा हुआ था।

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