बैंकों के विलय को लेकर अनिश्चितता नहीं


नई दिल्ली . वित्त मंत्री सीतारमण ने बुधवार को कहा कि बैंकों के विलय को लेकर कोई अनिश्चितता नहीं है और यह अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चल रहा है। सीतारमण ने बैंक अधिकारियों के साथ बैठक के बाद कहा कि विलय वाले बैंक बोर्डों ने इस दिशा में काम किया है और विलय की प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ रही है।
दो हजार रुपए के नोटों को एटीएम में नहीं रखने के निर्देश की खबरों के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया गया है। कोरोना वायरस से आर्थिक गतिविधियों के प्रभावित होने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग इस दिशा में काम कर रहे हैं और शीघ्र ही इस संबंध में घोषणा की जाएगी। जहां तक कच्चे माल का सवाल है तो हवाई मार्ग से मंगाने और कई अन्य विकल्पों पर भी विचार हो रहा है।
आम लोगों का धन वापस लाया जाएगा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकों से ऋण लेकर जानबूझकर नहीं चुकाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने के संकेत देते हुए बुधवार को कहा कि आम लोगों का धन वापस लाया जाएगा। सीतारमण ने भारतीय बैंक संघ और बोस्टन कंस्लङ्क्षटग ग्रुप द्वारा सरकारी बैंकों के कामकाज में सुधार पर 'ईज 3.0Ó रिपोर्ट को जारी करते हुए कहा कि बैंकों को व्यावसायिक निर्णय में हस्तक्षेप नहीं करने की बात कई बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी कर चुके हैं और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के व्यावसायिक निर्णयों में कोई हस्तक्षेप नहीं किया जा रहा है। जो लोग ऋण लेकर नहीं चुका रहे हैं उनके विरुद्ध बैंकों को कार्रवाई करनी चाहिए।
एमएसएमई ऋण पुनर्गठन 15 मार्च तक पूरा करने के निर्देश
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को सूक्ष्म, लघुु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के ऋण पुनर्गठन और 59 मिनट में ऋण प्लेटफॉर्म के जरिए सैद्धांतिक तौर पर मंजूर ऋण के सभी प्रस्तावों को 15 मार्च तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि एमएसएमई के 5.53 लाख खातों की पुनर्गठन के लिए पचहान की गई थी, जिसमें से 5.28 लाख खातों का पुनर्गठन हो चुका है। शेष बचे खातों को भी 15 मार्च तक पुनर्गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही एमएसएमई को सुगमता से ऋण प्रदान करने के लिए शुरू किए गए 59 मिनट में ऋण पोटर्ल से सैद्धांतिक तौर पर मंजूर सभी ऋण प्रस्तावों को 15 मार्च तक पूरा करने के लिए कहा गया है।
शाखा स्तर पर स्थानीय भाषा में ग्राहकों से हो बात
वित्त मंत्री ने कहा कि हर शाखा में स्थानीय भाषा को जानने वाले कर्मचारी होने चाहिए और सभी कर्मचारियों को सरकारी योजनाओं की जानकारी होनी चाहिए। वित्त मंत्री ने यहां 'ईज 3.0Ó आकांक्षी भारत के लिए स्मार्ट, टेक आधारित बैंङ्क्षकग पर भारतीय बैंक संघ की रिपोर्ट को जारी करते हुए कहा कि निजी बैंक और सरकारी बैंक में अंतर होता है। शाखा स्तर पर ग्राहकों से संपर्क ही सरकारी बैंकों के काम करने की शैली है। कर्मचारियों को सभी सरकारी योजनाओं की जानकारी होनी चाहिए।
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