दिल्ली हिंसा : 3 जगहों पर लगाई आग; अब तक 28 की मौत


दिल्ली में सोमवार से शुरू हुई हिंसा अभी पूरी तरह थमी नहीं है। बुधवार सुबह छिटपुट घटनाओं के बाद दिनभर शांति रही, लेकिन देर शाम अंधेरा होते-होते कई इलाकों में दंगाइयों का दुस्साहस बढ़ने लगा। देर रात ब्रह्मपुरी, नूर-ए-इलाही और उस्मानपुर के तीसरा पुस्ता इलाके में दंगाइयों ने आगजनी और तोड़फोड़ की है। वहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के मैदान में उतरने व दंगाइयों को देखते ही गोली मारने के आदेश का असर दिखने लगा है। बुधवार दिनभर कोई बड़ी हिंसा नहीं हुई, हालांकि, अब तक 28 लोगों की मौत हो चुकी है।
सुबह सुरक्षाकर्मियों ने बाबरपुर इलाके में फ्लैग मार्च किया। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि स्थिति चिंताजनक है। पुलिस, अपने सभी प्रयासों के बावजूद, स्थिति को नियंत्रित करने और आत्मविश्वास को स्थापित करने में असमर्थ है। सेना को बुलाया जाना चाहिए और बाकी प्रभावित इलाकों में तुरंत कर्फ्यू लगाया जाना चाहिए। मैं इस संबंध में गृह मंत्री को लिख रहा हूं।
केजरीवाल पहुंचे हिंसाग्रस्त क्षेत्र का जायजा लेने
नई दिल्ली। दिल्ली के सीएम अरविदं केजरीवाल बुधवार को पूरे एक्शन में दिखे। विधानसभा सत्र म उन्होंने हिंसा में शहीद हुए रतन लाल के परिवार को आर्थिक मदद के एलान का किया। इसके बाद वह उत्तर पूर्व के हिंसाग्रस्त क्षेत्र में डीसीपी के दफ्तर पहुंच कर हालात का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने लोगों शांति बनाए रखने की अपील की।  दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा में यह ऐलान करते हुए कहा कि हम रतन लाल के परिवार को हर संभव मदद देंगे। इसके अलावा उन्होंने कहा कि हम उनके परिवार को मदद के तौर पर 1 करोड़ रुपये की राशि और एक नौकरी देंगे। इसके बाद हिंसाग्रस्त क्षेत्रों को जायजा लेने के लिए सीएम केजरीवाल उत्तरी पूर्वी दिल्ली के डीसीपी के ऑफिस पहुंचे। वहां से हालात का जायजा लेकर निकलते हुए लोगों से कहा कि कृपया शांति बनाए रखें।
चांदबाग में मिला आईबी कर्मी का शव, हत्या कर नाले में फेंक दिया गया था
नई दिल्ली (एजेंसी)। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई थी। इस हिंसा की वजह से लगभग 20 लोगों की जाने जा चुके हैं। इस बीच इस हिंसा में एक खुफिया विभाग के कर्मी की भी मौत हो गई है। खुफिया विभाग के इस कर्मी का नाम अंकित शर्मा है। इसका शव आज चांद बाग़ में बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार पथराव में अधिकारी की हत्या करने के बाद उसके शव को नाले में फेंक दिया गया था। अधिकारियों ने बताया कि अंकित शर्मा चांद बाग इलाके में रहते थे और शायद पथराव में उनकी जान गई।
दिल्ली हिंसा में मारे गए जवान रतनलाल की पार्थिव देह पैतृक गांव पहुचीं 
सीकर । दिल्ली में हुई हिंसा में सोमवार को जान गंवाने वाले दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल रतनलाल की पार्थिव देह बुधवार को सीकर पहुंची। देह को उनके पैतृक गांव तिहावली ले जाया जाएगा। जहां राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। हालांकि, इससे पहले रतनलाल की पार्थिव देह जब तिहावली पहुंची तो ग्रामीणों ने उनके घर से करीब 15 किमी दूर ही शव वाहन को रोक लिया। ग्रामीणों ने शव को रखकर प्रदर्शन किया और जवान को शहीद का दर्जा देने की मांग की।  इस दौरान सांसद सुमेधानंद सरस्वती भी वहां पहुंचे। उन्होंने बताया कि सरकार ने ग्रामीणों की मांग ली है। रतनलाल को शहीद का दर्जा दिया जाएगा और शहीद के परिवार को दी जाने वाली सुविधाएं भी उन्हें दी जाएगी। परिवार से एक को सरकारी नौकरी दी जाएगी और एक करोड़ की आर्थिक मदद दी जाएगी। इसके बाद ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन खत्म कर दिया। तिहावली गांव में रतनलाल की मां और छोटा भाई रहता है। 
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