कोरोना का कहर, चांदी 5000 रुपए लुढ़की

नई दिल्ली (एजेंसी)।

सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोना और चांदी भी लुढ़कते जा रहे है, जबकि आम तौर पर अनिश्चित माहौल में लोग सोना-चांदी खरीदते हैं और इन धातुओं की कीमत बढ़ती है पर वर्तमान में बाजार में इसका उलट हो रहा है।
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कोरोना के कहर से दोनों कीमती धातुओं के भावों में मंगलवार को जोरदार गिरावट देखी गई। सोने के भाव 1200 रुपए टूटकर 41,400 रुपए प्रति दस ग्राम पर आ गए। दूसरी तरफ चांदी के भाव भी 5000 रुपए की गिरावट के साथ 36,800 रुपए प्रति किलोग्राम पर आ गई।
चांदी में गिरावट का कारण
चांदी को बेस इकोनॉमी भी माना जाता है। बेस्ट थर्मल और इलेक्ट्रिक कंडक्टर होने के कारण औद्योगिक क्षेत्र में चांदी का उपयोग बड़ी मात्रा में होता है। मोबाइल जैसे इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों और सोलर पैनल्स आदि में इसका उपयोग होता है। चीन में औद्योगिक उत्पादन ठप होने के चलते वहां चांदी की खपत बेहद कम हो गई है। ऐसी ही स्थिति कोरोना वायरस से बुरी तरह प्रभावित अन्य देशों में है। खपत की कमी ने चांदी के दामों में ऐतिहासिक गिरावट ला दी है। साथ ही निवेशकों द्वारा प्रोफिट बुकिंग करना भी चांदी के भाव में गिरावट का एक बड़ा कारण है।
वायदे में 15,000 रुपए तक गिरावट
एमसीएक्स एक्सचेंज पर चांदी का वायदा भाव आठ जनवरी 2020 को 49,423 रुपए प्रति किलोग्राम पर था। करीब दो महीनों में चांदी में 15,000 रुपए से अधिक की गिरावट देखने को मिली। सोमवार को चांदी में 16 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी, जो कि एमसीएक्स के इतिहास में चांदी में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट थी।
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