कोरोना को लेकर आरबीआई सतर्क

भारतीय अर्थव्यवस्था पर दो तरह से पड़ सकता है असर

नई दिल्ली 
कोरोना वायरस के धीरे-धीरे 70 देशों में फैलने की खबर से सरकार व आरबीआई भी बेहद सतर्क हो गए हैं। आरबीआई व वित्त मंत्रालय की तरफ से इस वायरस से अर्थव्यवस्था पर पडऩे वाले असर को लेकर लगातार मंथन जारी है। आरबीआई इसके आर्थिक दुष्प्रभाव को रोकने के लिए कई विकल्पों पर विचार कर रहा है और संकेत हैं कि जिस तरह से वर्ष 2008-09 के वैश्विक मंदी से लडऩे के लिए उद्योग जगत को कई तरह के प्रोत्साहन दिए गए थे उसी तरह के कदम इस बार भी उठाये जाएंगे। कर्ज की दरों में और कटौती करने का विकल्प भी सरकार के सामने है।
भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि केंद्रीय बैंक वैश्विक व घरेलू स्थितियों पर नजर रखे हुए है। 'हम सतर्क है और वित्तीय स्थायित्व को बनाये रखने, निवेशकों के भरोसे को बनाए रखने के लिए और बाजार के संचालन को दुरुस्त बनाए रखने के लिए यथोचित कदम उठाने को तैयार हैं।Ó आरबीआई गवर्नर डॉ. शक्तिकांत दास ने बताया कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर कोरोना वायरस की वजह से दो तरह से असर पडऩे के आसार हैं। पहला यह कि हम चीन के बड़े साझेदार है जहां इस वायरस का सबसे ज्यादा असर है।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दर घटाई
कोराना वायरस से उत्पन्न आपात स्थिति में अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने मंगलवार को ब्याज दर में 0.50 फीसदी की कटौती की है। कोरोनावायरस के फैलने की वजह से आर्थिक स्थिति ठीक रहे, इसे देखते हुए यह कटौती की गई। फेडरल रिजर्व ने एक बयान में कहा, 'कोरोनावायरस आर्थिक गतिविधि के लिए जोखिम पैदा करता है। इन जोखिमों को देखते हुए और इसके अधिकतम रोजगार और मूल्य स्थिरता लक्ष्यों को पाने के समर्थन में फेडरल ओपेन मार्केट कमेटी ने मंगलवार को फैसला किया कि फेडरल फंड्स रेट के लिए टारगेट रेंज को 1/2 फीसदी कम किया जाए।Ó केंद्रीय बैंक ने यह भी कहा कि वह आर्थिक दृष्टिकोण के लिए विकास और उनके प्रभावों की बारीकी से निगरानी कर रहा है, उसने कहा कि वह इसके साधनों का उपयोग करेगा और अर्थव्यवस्था के समर्थन करने के लिए जरूरी कदम उठाएगा।Ó
Share on Google Plus

About CR Team

Dainik Chamakta Rajasthan to provide lightning fast, reliable and comprehensive informative information to our visitors in the form of news and articles.

0 comments:

Post a Comment