मनरेगा श्रमिकों को मिलें पूरी मजदूरी और न्यूनतम 200 दिन का रोजगार


मनरेगा श्रमिकों को मिलें पूरी मजदूरी और  न्यूनतम 200 दिन का रोजगार

जयपुर। उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने केन्द्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को पत्र लिखकर वर्तमान विषम परिस्थितियों में प्रदेश के 1.13 करोड़ मनरेगा श्रमिकों को राहत प्रदान करने की मांग की है। साथ ही यह भी मांग की है कि लॉकडाउन की अवधि के दौरान अधिकतम 100 दिवस की सीमा तक मनरेगा मजदूरों को प्रतिदिन प्रतिव्यक्ति पूरी मजदूरी का भुगतान किया जाये।
पायलट ने बताया कि मनरेगा ग्रामीण श्रमिकों की जीवन रेखा है तथा लॉकडाउन के कारण दिहाडी मजदूर, लघु सीमांत किसान, कृषि श्रमिक तथा निर्माण श्रमिक सबसे ज्यादा प्रभावित हुए है। इसलिए वर्ष 2020-21 में प्रभावित लोगों को आर्थिक सम्बल प्रदान करने के लिए मनरेगा में निर्धारित 100 दिवस के रोजगार को बढ़ाकर प्रति परिवार 200 दिन किया जाये। पायलट ने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि लॉकडाउन के चलते मनरेगा के क्रियान्वयन की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में योजना के तहत पर्याप्त राशि उपलब्ध होना अति आवश्यक है। अत: प्रदेश की सामग्री मद की बकाया राशि रूपये 310 करोड़ जारी करने के साथ ही अतिरिक्त राशि भी तत्काल उपलब्ध करवायी जाये जिससे कि बफर उपलब्ध रहने से योजना का क्रियान्वयन प्रभावित न हो। पायलट ने कहा कि लॉकडाउन के कारण देशभर में लाखों प्रवासी मजदूर मजदूरी, आजीविका एवं भोजन के अभाव में अपने-अपने निवास की ओर लौट रहे है। ऐसे संकटकाल में ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक रूप ये पिछड़े एवं लॉकडाउन के कारण प्रभावित लोगों को आर्थिक सम्बल प्रदान करने का सर्वोत्तम उपाय मनरेगा योजना ही है।



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