सचिन तेंदुलकर के वो रिकॉर्ड जो अभी तक कोई भी खिलाड़ी नहीं तोड़ पाया




मुम्बई। गॉड ऑफ क्रिकेट के नाम से जाने जाने वाले सचिन रमेश तेंदुलकर का आज 47वां जन्मदिन है। 24 अप्रैल 1973 को मुंबई में जन्मे सचिन ने क्रिकेट जगत में वो करिश्मा किया है जो शायद ही कोई खिलाड़ी कर पाए। इसीलिए तो देश के पहले खिलाड़ी हैं, जिन्हें भारत रत्न से नवाजा जा चुका है। 200 टेस्ट मैच, 463 वनडे और इंटरनेशनल क्रिकेट में 100 शतक लगाने वाले सचिन तेंदुलकर एकलौते खिलाड़ी हैं। दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज माने जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने बहुत छोटी सी उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था और अब दिल में भारत के खेलने का जज्बा भी पैदा कर लिया था। इतना ही नहीं एक समय ऐसा था जब सचिन तेंदुलकर ने सबसे कम उम्र में टेस्ट क्रिकेट में अपने देश के लिए कप्तानी करने का रिकॉर्ड भी बनाया था।  कई सारे रिकॉर्ड ऐसे हैं जिनका आज भी बल्लेबाज पीछा कर रहे हैं। साल 1989 में क्रिकेट कॅरियर की शुरुआत करने वाले सचिन तेंदुलकर ने 2013 में संन्यास ले लिया था। इस बीच 24 साल के कॅरियर में उन्होंने 200 इंटरनेशनल टेस्ट मैच खेला हैं। हालांकि सचिन के बाद रिकी पॉन्टिंग और स्टीव वॉ इस सूची में शामिल हैं। जिन्होंने 168-168 टेस्ट मैच खेले हैं।
विराट कोहली और स्टीव स्मिथ रिकॉर्ड तोडऩे का कर रहे प्रयास
सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड तोडऩे की होड़ भारतीय टीम के मौजूदा कप्तान विराट कोहली और ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज स्टीव स्मिथ के बीच मची हुई है। टेस्ट क्रिकेट की बात करें तो सचिन पाजी ने 200 मैच में 51 शतक जड़े हैं। फिलहाल इस रिकॉर्ड को अब तक कोई तोड़ नहीं पाया। हालांकि विराट कोहली ने 27 तो स्टीव स्मिथ ने 26 टेस्ट शतक जड़े हैं। इतना ही नहीं सचिन तेंदुलकर के अलावा कोई भी ऐसा खिलाड़ी नहीं है जिसने इंटरनेशनल क्रिकेट कॅरियर में 34 हजार से अधिक रन बनाए हो। इंटरनेशनल क्रिकेट में 34 हजार से अधिक रन बनाने वाले सचिन तेंदुलकर ने इस साल अपना जन्मदिन नहीं मनाएंगे। उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि देश कोरोना नाम महामारी से जूझ रहा है और वह इस जंग से पार पाने में सहायता करने वाले लोगों के सम्मान में ऐसा कर रहे हैं। इतना ही नहीं उन्होंने इस लड़ाई में अपना सहयोग भी दिया और अग्रणी भूमिका भी निभा रहे हैं।
सुरेश रैना ने सुनाया था एक किस्सा
सुरेश रैना इंस्टाग्राम में लाइव बातचीत के समय बताते हैं कि पहले के समय में ड्रेसिंग रूम में सीनियर खिलाड़ी जब रहते थे तो माहौल बिल्कुल अलग ही होता था। मतलब न केवल सीनियर खिलाड़ी क्रिकेट की बात करते बल्कि क्रिकेट के बाहर की भी चर्चा होती। मतलब जो पैसे मिल रहे हैं उन्हें कैसे इन्वेस्ट करना है इत्यादि-इत्यादि। सचिन पाजी भी हमेशा हमें समझाते थे। सुरेश रैना की बातों से साफ था कि सचिन तेंदुलकर न केवल क्रिकेट के भीतर बल्कि बाहर भी अपने लोगों के साथ खासा जुड़ाव रखते हैं।

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